सौंदर्य के लिए जरूरी है स्नान
सौंदर्य के लिए जरूरी है स्नान
स्वास्थ्य और स्वच्छता दोनों ही तरह से स्नान का महत्व है| भारत में नहाने को संस्कार और पवित्रता से जोड़कर भी देखा जाता है| भारत ही नहीं, विश्व की दूसरी संस्कृतियों में भी स्नान को महत्व दिया गया है| यूनानी लोग पानी को ईश्वर का दिया उपहार मानते थे| भारत में आयुर्वेद मे तमाम रोगो के उपचार हेतु अलग-अलग तरह के स्नान बताए गए है| गुलाब, दूध, शहद, हल्दी का उपयोग स्नान की लिए प्राचीन भारत में हमेशा से होता रहा है| शरीर में कुनकुने तेल की मालिश के बाद चन्दन का पेस्ट लगा मिलता है|वर्तमान में तमाम स्पा और हेल्थ क्लब खुल गए है, जिनमे तरह-तरह के बाथ उपलब्ध होते है, लेकिन हम चाहे तो घर पर भी आयुर्वेद में बताए तरीके से स्नान करके शरीर और मन को खूबसूरत अहसास दे सकते है| आइये हम यहाँ जानते हैं कि कितने प्रकार के स्नान होते हैं और इनके क्या फायदे हैं –
मिल्क बाथ और इसके फायदे
इसे ‘क्लियोपेट्रा बाथ’ भी कहते है| क्योकि क्लियोपेट्रा अपनी खूबसूरत त्वचा के लिए प्रसिद्ध थी और वे हमेशा ताजे दूध से स्नान करती थी| मिल्क बाथ से त्वचा चमकदार और स्वस्थ्य हो जाती है| दूध में पाया जाने वाला लैक्टिक एसिड तथा अल्फा ड्राइडोक्सी एसिड त्वचा की मृत त्वचा हटाते है तथा धूप से टैन हुई त्वचा को भी ठीक करके खूबसूरत बनाता है| दूध से त्वचा की सफाई भी अच्छी तरह से हो जाती है| 2-4 कप दूध को नहाने के पानी में मिलाकर उस पानी में 20 मिनट तक रहे|
नहाने का आनंद और खूबसूरती बढ़ानी हो तो थोड़ी-सी गुलाब की पत्तियाँ पानी में उबाल ले| इस पानी को भी दूध में मिला दे| थोड़ी-सी गुलाब की पत्तियाँ ऊपर से डाल दे| इस अरोमा बाथ के बाद आपको ताजगी और खुशबू का अहसास होगा| यह बाथ हर तरह की त्वचा के लिए उपयुक्त है| गुलाब प्राकृतिक टोनर का काम तो करता ही है, शरीर से प्राकृतिक महक भी आती है| मिल्क बाथ के लीले कच्चा दूध ही प्रयोग करना चाहिए|
इंडोनेशियन बाथ और इसके फायदे
इंडोनेशियन बाथ त्वचा के साथ-साथ मन को भी आराम देता है| इसके लिए थोड़ा-सा बाथफ़ोम अच्छी क्वालिटी का लिया जा सकता है| इसमे थोड़ा-सा अरोमा ऑयल मिला ले| बाथ टब के चारों ओर अरोमा केंडल भी जला कर रखने से शरीर के साथ-साथ मन को भी ताजगी का अहसास होता है|सॉल्ट बाथ और इसके फायदे
ज्यादा थकान महसूस हो रही हो तो रिलैक्स करने के लिए सॉल्ट बाथ से बेहद आराम मिलता है| टब में बाथ फ़ोम मिलाकर डेड-सी मिनरल सॉल्ट (अच्छे स्टोर में उपलब्ध) मिला ले| थोड़ी-सी मनपसंद खुशबू डाल दे| केंडल जला ले, इस बाथ से तन-मन दोनों रिलैक्स हो जाएंगे|चॉकलेट बाथ और इसके फायदे
खुशगवार अहसास के लिए चॉकलेट बाथ भी बढ़िया विकल्प है| चॉकलेट में पॉलफिनाल्स होते है| ये एंटी एजिंग, एंटी आक्सीडेंट का काम करते है| कुनकुने पानी में थोड़ा कोको पाउडर, थोड़ा बाथ फ़ोम मिलाकर नहाने से त्वचा के साथ मन को भी अच्छा लगता है|व्हाइटनिंग बाथ और इसके फायदे
अब तक पपीते का उपयोग लीवर के लिए बढ़िया माना जाता थे, लेकिन पपाया एक्सट्रैक्ट का उपयोग नहाने के लिए भी किया जाता है| बाथ फ़ोम मे थोड़ा-सा पपाया एक्सट्रैक्ट मिला ले, इसमे थोड़ा-सा दूध भी मिला सकते है| इस बाथ से त्वचा में चमक आएगी और स्वस्थ भी दिखाई देगी|स्टीम बाथ और इसके फायदे
स्टीम बाथ खूबसूरती के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी उपयोगी है| स्टीम बाथ का प्रचलन काफी पुराना है| ग्रीक और रोमन स्टीम बाथ का प्रयोग करते थे| विकास और नई तकनीक के कारण स्टीम बाथ अब बहुत ज्यादा महंगा नहीं रहा| स्टीम बाथ में एक केबिन में स्टीम जेनरेटर सिस्टम लगा होता है, जिसमे चारों तरफ से भाप निकलती है, इसका तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से 46 डिग्री सेल्सियस तक होता है, इसमे नमी करीब 100 प्रतिशत तक होती है| स्टीम बाथ के बाद त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते है तथा अच्छी तरह से सफाई हो जाती है| यह बाथ एक नई ऊर्जा से भर देता है| साथ ही अस्थमा, ब्रोंकाइटिस,नींद न आने की समस्या, मांसपेशियो की कमजोरी आदि समस्याओं के लिए भी काफी उपयोगी है|

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